लेव, पूरा गीत बना दे हौं - पुराना लोकगीत के रंग म -
"बदरवा बरसे भादो म"
- स्थायी -
बदरवा बरसे भादो म रिमझिम
सुरता सजनवा के आए पल छीन
कास फूल फुले सकल महि छाई
बरसा बीते बेगी सजन घर आई
- अंतरा 1 -
ताल-तलैया भर गए, डहर डुबान
पंछी तको जोड़ी म, मोर सुनसान
अंखियां थक गे मोर, राह निहारे
कब ले अइहौ कहिके, दिन ल गिनारे
- अंतरा 2 -
भादो के अंधियारी, बिजुरी चमके
पिया-पिया बोले पपिहा, जिया तरसे
महुआ मोर महके, मन मोर बहके
सपना म आके सजना, काबर छलके
- अंतरा 3 -
धान के बाली झूमे, खेत लहराए
संगी-सहेली सबके, पिया घर आए
मोरो आंगना सूना, तुंही बिन सजना
बेगि आ जा रे, तोर बिन जिया न लागे सजना
दादरा - कहरवा ताल म
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