Gopikrishnasoni Soni
मुखड़ा
रुप तोर मोहिनी मोर मन झाला हो मन झाला
मैं तोर बर भेजव बीरन माला ओ बीरन माला...
मोरो मन भाए तय बतावव काला ग बतावव काला
महु तोर भेजहु बीरन माला ग बीरन माला
डोंगरी तीर म तितुर बोले ओ तितुर बोले
तोर आरो ल पाके मोर मन डोले ओ बीरन माला
सेमी के मड़वा अबड गहिदे ग अबड गहिदे
तोर बोली बचन म मोर अरिझे
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