येति ओती चारो कोती
बरसय पानी बन मोती
घुरगे खपरा चुहत हे छानी
झन पूछ खदर के कहानी
रदरद रेला बोहे टीपटीप चले ओरवाती
डोली धनहा छलकन लागे
नरवा तरिया उफनन लागे
चोरोबोरो चारोंमुड़ा होगे चारोंकोती
बरसा म भींजे आठों अंग
तन मन म छाए हवे उमंग
रोपा बियासी मगन माते सवनाही
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