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महात्मा गाँधी का अभिनंदन पत्र 1933
"चार लाख सतनामी अन्य साधारण सवर्ण हिंदुओं से श्रेष्ठ सदाचरण जीवन व्यतीत कर रहे हैं।"
महात्मा गाँधी जी को राजिम नवापारा कमेटी द्वारा 19-11-1933 को प्रदान किए गए अभिनंदन पत्र की टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। तभी तो हमलोग बचपन से सुनते रहे हैं कि कुछेक जहरिया सतनामी (कट्टरपंथी)हाट बाजार के केवटिन चना मुर्रा और रउत ,गहिरा के हाथों होटल के चाय पानी तक नहीं पीते। झोले में लोटे/गिलास पकड़ कर यात्रा करते और तालाब नदी नाले के पानी पीते थे। तब कुआं आदि भी बहुधा कम ही था।
मेहराई का कार्य मेहर मोची का हैं जो पौनी जाति हैं और सतनामियों से बिल्कुल अलग हैं। हालांकि सतनामियों में अनेक जातियों की तरह वह भी सम्मिलित हुए और अपना पूर्व पेशा मान्यता का परित्याग कर दिए। पर जो सम्मिलित नहीं हुए वे लोग आज भी पारंपरिक पेशा करते हैं और वे लोग पांच पौनी में शामिल हर मेहर मोची का गांव आजीविका हेतु बटा हैं। जैसे नाई धोबी राउत ब्राह्मण के गांव आजीविका हेतु हैं।
कृषक जाति कुर्मी तेली सतनामी अघरिया लोधी राठौर हैं इनमें बड़ी जोत कुर्मी तेली और सतनामी के पास मैदानी क्षेत्र में हैं। वनांचल में आदिवासी हैं जो उत्तर में सरगुजा उरांव, कोरवा बैगा भैना, राठिया आदि है। दक्षिण बस्तर में गोड़ कवर बिझवार माडिया मुरिया भतरा धुर्वा इत्यादि हैं।
ज्ञात हो कि भारत में सर्व प्रथम 1915 में गौरक्षा आंदोलन सतनामियों ने महंत नयन दास महिलांग एवं गुरु गोसाई ने बलौदाबाजार से आरम्भ किया और ब्रिटिश सरकार द्वारा संचालित बूचड़ खाना को सफलतापूर्वक लंबे संघर्ष के बाद बंद करवाए। पं सुंदरलाल शर्मा को पं मिलऊदास सतनामी ने ही सतनाम पंथ की आधारभूत जानकारी दी फलस्वरूप 1907 में वे सतनामी पुराण की सृजन किया। दोनो समवयस्क एवं कौंदकेरा और चमसुर राजिम क्षेत्र के प्रमुख स्वतंत्रता सग्राम सेनानी महान हुतात्मा हैं ।
समाज प्रमुखों द्वारा 1921 में सतनामी आश्रम की स्थापना गंज मंडी में कृषकों से एक बोरा धान में एक कटोरी बरार लेकर संचालित किए गए। यह भी सामाजिक जागरूकता की दिशा में मील का पत्थर हैं।
वैसे भी रायपुर में सतनाम पंथ के तीन प्रमुख बाड़ा था जिसमें गोसाई बाड़ा गुढियारी, मांगडा बाड़ा जवाहर नगर एवं साहेब बाड़ा मोवा जहां गुरु अगमदास गोसाई मिनीमाता जी का निवास थी और सामाजिक जनो/ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए शरण स्थली व धर्मशाला थी। यही पर जवाहर लाल नेहरु के सचिव बाबा रामचंद्र जी रहकर अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन का संचालन किए।
डॉ अनिल कुमार भतपहरी/ 9617777514
चित्र: नवापारा राजिम नगर कमेटी द्वारा महात्मा गाँधी जी को 19-11-1933 को प्रदान किए गए अभिनंदन पत्र में सतनामियों के संदर्भ में दी गई जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं रेखांकनीय हैं।
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