मौहरी में महुआ बिनत हे मौहा रिन
ये दे साल्हो ददरिया गावत हे मुटियारिन...
डोंगरी के तीर म तितुर बोले का ओ तितुर बोले का
तोर आरो ल पाके मन हमर डोले का मौहरी म...
अधरे ल देखेंव परसा फुल सही लगत हे
ये दे लाली के लुगरा ह,सुघर फबत हे...
अंझा मंझा देख मोला ओकर तीर म बलाना
बोहत गरु झउहा सुग्घर कनिहा के लचकना...
डॉ अनिल भतपहरी/ ८-३-२६
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